
मौदहा से जिला ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। जनपद में प्रस्तावित UPIDA औद्योगिक गलियारा परियोजना को लेकर किसानों का विरोध तेज होता जा रहा है। मौदहा तहसील के रीवन, बिहुनी खुर्द और बिहुनी कलां गांवों के किसानों ने अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं। किसानों ने प्रशासन से पारदर्शिता, उचित मुआवजा और उपजाऊ कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

ग्राम रीवन के किसानों ने उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं UPIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को ज्ञापन भेजते हुए 303 हेक्टेयर से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि के प्रस्तावित अधिग्रहण का विरोध किया। किसानों का कहना है कि अधिकांश परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं और भूमि अधिग्रहण होने पर उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने परियोजना के लिए कम उपजाऊ अथवा वैकल्पिक भूमि का चयन करने की मांग की। ज्ञापन के दौरान सुनील त्रिपाठी, संतोष कुमार त्रिपाठी, बाबूलाल, कमतु, संजीव कुमार, शिवकुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

वहीं, बिहुनी खुर्द और बिहुनी कलां के किसानों ने जिलाधिकारी एवं UPIDA अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग उठाई। किसानों ने अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की मुआवजा दर, विस्तृत गणना-पत्र, पेड़, कुएं, भवन, ट्यूबवेल एवं अन्य परिसंपत्तियों के अलग-अलग मूल्यांकन की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। इसके साथ ही भूमि मालिकों को 100 प्रतिशत सोलैटियम, पुनर्वास पैकेज तथा प्रभावित परिवारों के योग्य सदस्यों को रोजगार देने की भी मांग की गई।
किसानों ने प्रशासन से 15 दिनों के भीतर सभी बिंदुओं पर लिखित जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी विकल्प अपनाने के लिए बाध्य होंगे। जिले में औद्योगिक गलियारा परियोजना को लेकर किसानों की बढ़ती नाराजगी अब प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनती दिखाई दे रही है।

